Off Page SEO in Hindi

जब किसी कीवर्ड पर कम्पटीशन कम होता है, तो गूगल सबसे अच्छे कंटेंट को अच्छा रैंक प्रदान करता है, लेकिन जब किसी कीवर्ड पर कम्पटीशन बहुत ज्यादा हो जाता है, तो गूगल सिर्फ कंटेंट के क्वालिटी के आधार पर ही रैंकिंग नहीं करता, बल्कि कंटेंट के On Page SEO के साथ ही Off Page SEO को भी Analyse करता है। उस समय यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि आपके वेबसाइट पर Off Page SEO किस तरह से किया गया है, आपके वेबसाइट को कितने और किस तरह के वेबसाइट से Backlink मिले है। अगर आप जानना चाहते है कि Off Page SEO Kya Hai, Off Page SEO In Hindi, Off Page SEO Kaise Kare तो इस आर्टिकल को अंत तक पढ़िए।

ऑफ पेज एसईओ क्या है (Off Page SEO Kya Hai)

ऑफ पेज एसईओ के अन्तर्गत वह सारी SEO Technique आती है, जो आप अपने वेबसाइट से बाहर करते है। इसमें मुख्य रूप से आर्टिकल पब्लिश करने के बाद, इसे सोशल मीडिया साइट्स पर शेयर करना, ब्लॉग के लिए High Quality Backlink क्रिएट करना और अपने ब्लॉग को सर्च इंजन जैसे – गूगल, बिंग, याहू में सबमिट करना इत्यादि आता है।

इस तरह से आप कह सकते है, ऑफ पेज एसईओ में मुख्य रूप से ब्लॉग को प्रमोट किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य ब्लॉग के रैंकिंग को बढ़ाने में मदद करना और आपके ब्लॉग को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाना होता है।

ऑफ पेज एसईओ कैसे करें (Off Page SEO Kaise Kare)

ऑफ पेज एसईओ के लिए बहुत सारे Techniques होते है, जिसमें से कुछ महत्वपूर्ण Techniques के बारे में निचे दिया गया है। इन टेक्निक्स को फॉलो कर आप भी अपने ब्लॉग के ट्रैफिक को बढ़ा सकते है।

1. सर्च इंजन सबमिशन (Search Engine Submission)

ब्लॉग बनाने के बाद सबसे पहले अपने ब्लॉग को सभी सर्च इंजन जैसे – गूगल, याहू, बिंग में सबमिट करना चाहिए। ब्लॉग को सर्च इंजन में सबमिट करने से आपके ब्लॉग का आर्टिकल सर्च इंजन में इंडेक्स होता है। जब तक आपका आर्टिकल सर्च इंजन में इंडेक्स नहीं होगा, वह लोगों द्वारा सर्च करने पर Search Engine Result Page (SERP) में नहीं दिखेगा। 

2. गेस्ट पोस्टिंग (Guest Posting)

जब हम अपने Niche से रिलेटेड किसी दूसरे हाई अथॉरिटी ब्लॉग पर अपने आर्टिकल को पब्लिश करते है, तो उसे गेस्ट पोस्ट कहा जाता है। गेस्ट पोस्ट के साथ हम अपने ब्लॉग का लिंक भी Add कर सकते है। इससे हमें एक अच्छा Do Follow Backlink मिलता है, जो ब्लॉग के रैंकिंग को बढ़ाने और ब्लॉग पर ट्रैफिक लाने के लिए सहायक होता है।

गेस्ट पोस्ट करते समय ध्यान रखे की हमेशा अपने Niche से रिलेटेड ब्लॉग पर ही गेस्ट पोस्ट करे। अपने Niche से रिलेटेड ब्लॉग पर हीं गेस्ट पोस्ट एक्सेप्ट होने की संभावना भी होती है।

अपने NIche से रिलेटेड एक अच्छा सा टॉपिक सेलेक्ट करे और उस टॉपिक पर हाई क्वालिटी कंटेंट लिखे। हाई क्वालिटी कंटेंट होने से आपके पोस्ट के Accept होने के Chance बढ़ जाते है, साथ ही इससे ऑडियंस इम्प्रैशन भी बढ़ता है।

सबसे पहले कीवर्ड रिसर्च करे और यह पता करे कि कौन से टॉपिक पर आर्टिकल लिखना फायदेमंद है। आपका गेस्ट पोस्ट एक कम्पलीट पोस्ट होना चाहिए, अधूरे पोस्ट को कोई पढ़ना नहीं चाहता। 

3. सोशल शेयर (Social Share)

आप सभी लोकप्रिय सोशल मीडिया साइट्स जैसे – फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर पर अपने ब्लॉग के नाम से एक अकाउंट क्रिएट करे। अपने ब्लॉग पर जब भी कोई नया आर्टिकल पब्लिश करे, तो उसे इन सोशल मीडिया साइट्स पर शेयर करे। इससे एक Instant ट्रैफिक मिल जाता है।  

इसके अलावा अपने ब्लॉग के सभी आर्टिकल पर सोशल शेयर का बटन जरूर लगाए, जिससे यूज़र्स भी आसानी से किसी पोस्ट को सोशल मीडिया साइट्स पर शेयर कर सके।

4. डायरेक्टरी सबमिशन (Directory Submission)

डायरेक्टरी सबमिशन एक ऑफ पेज एसईओ टेक्निक्स है, इसमें अपने ब्लॉग के डिटेल्स को डायरेक्टरी सबमिशन वेबसाइट में सबमिट करना होता है। ये डायरेक्टरी सबमिशन वेबसाइट, सभी वेबसाइट के डिटेल्स को अपने पास Collect कर रखता है। डायरेक्टरी में ब्लॉग को सबमिट करने से एक अच्छा बैकलिंक मिलता है, जिससे ब्लॉग का ट्रैफिक भी बढ़ता है। इसके अलावा इससे आपके ब्लॉग का आर्टिकल सर्च इंजन में जल्दी से इंडेक्स हो जाता है। अच्छी डायरेक्टरी में सबमिट होने से आपके ब्लॉग का पेज रैंक भी बढ़ता है। Dmoz और Yahoo दो प्रमुख वेबसाइट डायरेक्टरी है।

वेबसाइट डायरेक्टरी में आपके ब्लॉग को कीवर्ड के अनुसार Add नहीं किया जाता है, बल्कि इसे Category, Sub Category के रूप में Add किया जाता है।  आपके ब्लॉग को वेबसाइट डायरेक्टरी में सबमिट हो जाने से सर्च इंजन आपके ब्लॉग को अधिक महत्व देता है।  डायरेक्टरी सबमिशन के लिए ब्लॉग का नाम, इसका यूआरएल, ब्लॉग के लिए एक अच्छा सा डिस्क्रिप्शन, ऑथर का नाम और एक ईमेल एड्रेस की आवश्यकता पड़ती है। 

5. ब्लॉग सबमिशन (Blog Submission)

ब्लॉग सबमिशन के लिए बहुत सारे Websites उपलब्ध है, हम एक अच्छा आर्टिकल लिख कर इन वेबसाइट पर सबमिट कर सकते है, इससे एक क्वालिटी बैकलिंक मिलता है, जिससे हमारे आर्टिकल का कीवर्ड जल्द रैंक करता है, साथ ही उन Websites के माध्यम से एक अच्छा ट्रैफिक भी मिलता है। 

कुछ Best Blog Submission वेबसाइट है – WordPress.com, Blogger.com, Weebly.com यहाँ पर ब्लॉग सबमिट करने से एक अच्छा ऑडियंस मिल जाता है। आप अपने आर्टिकल में अपने ब्लॉग का लिंक भी Add कर सकते है। जिससे एक अच्छा बैकलिंक भी मिल जाता है।

ब्लॉग सबमिशन से एक अच्छा बैकलिंक तो मिलता ही है, साथ में ब्लॉग पर ट्रैफिक भी Increase होता है, सर्च इंजन में आपके ब्लॉग का रैंकिंग भी Improove होता है और आपके ब्लॉग का Domain Authority भी Increase  होता है।

6. ब्लॉग कमेंटिंग (Blog Commenting)

अपने ब्लॉग के Niche से सम्बंधित दूसरे ब्लॉग के आर्टिकल को रीड कर उस पर एक अच्छा सा कमेंट करना ही Blog Commenting कहलाता है। इससे आपको एक हाई क्वालिटी No Follow Backlink मिलता है। जो आपके ब्लॉग के रैंकिंग को बढ़ाने और आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक लाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।

वेबसाइट कमेंटिंग करते समय ध्यान रखे कि अपने Niche से रिलेटेड ब्लॉग के आर्टिकल पर ही कमेंट करे और आर्टिकल से Relevent कमेंट ही करे। सबसे पहले गूगल में एक कीवर्ड को सर्च करे, उसमें से जो टॉप की sites आ रही है, उसके आर्टिकल को रीड करे और एक अच्छा कमेंट के साथ, उस कीवर्ड को भी Add करे।

कमेंट इस तरह से करे कि लगे, जैसे आप उस आर्टिकल के बारे में कुछ पूछना चाह रहे हो। जैसे Nice Post, Good Post इत्यादि कमेंट ना करे। इस तरह के कमेंट करने पर आपके कमेंट Accept नहीं होंगे और यह Spam कमेंट के Catagory में भी आता है।

7. प्रश्न और उत्तर देने वाली साइटें (Questions & Answering Sites)

बहुत सारे Question Answer Sites उपलब्ध है, जहाँ आप लोगो के Question के Answer दे सकते हो जैसे Quora, Google Question hub , याहू आंसर इत्यादि। पहले इन साइट्स पर अकाउंट क्रिएट करे और फिर अपने Niche से रिलेटेड Question को सर्च कर उसका Answer दें। आप अपने Answer के साथ अपने ब्लॉग का लिंक भी Add कर सकते है, जिससे अगर किसी User को आपका Answer पसंद आये, तो वह आपके ब्लॉग को भी विजिट कर सकता है। इस तरह से आपको एक हाई क्वालिटी बैकलिंक के साथ ही रेफरल ट्रैफिक भी मिलता है।    

8. क्लासिफाइड  सबमिशन (Classified Submission)

Classified Submission एक ऑफ पेज एसईओ Technique है, इसके माध्यम से किसी Particular Region के लिए Ads चलाने का ऑप्शन मिलता है। इसमें अपने ब्लॉग का लिंक भी लगा सकते है, जिससे किसी खास क्षेत्र के लोगो को आपका ब्लॉग ज्यादा दिखेगा।

यह एक खास तरह का विज्ञापन होता है, जो किसी विशेष वेबसाइट पर ही पब्लिश किया जाता है। यह मुख्य रूप से सेल्स, सर्विसेज, रियल एस्टेट, इत्यादि के बारे में विज्ञापन प्रदान करती है।

इसमें विज्ञापन की Category के साथ Heading और Description Add करने का भी Option होता है। इसके अलावा अपना कांटेक्ट नंबर जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और एड्रेस भी Add कर सकते है। इसमें विज्ञापन के मुख्य विवरण को ही शामिल किया जाता है। यह यूजर को उसके दिलचस्पी के आधार पर विज्ञापन दिखाते है, जिससे एक आर्गेनिक ट्रैफिक प्राप्त होता है।   

9. वेब 2.0 सबमिशन (Web 2.0 Submission)

Web 2.0 Submission एक ऑफ पेज SEO Technique है, जिसका इस्तेमाल एक हाई क्वालिटी बैकलिंक बनाने के लिए किया जाता है। Web 2.0 Submission करते समय ध्यान रखे कि जिस वेबसाइट पर आप अपना ब्लॉग आर्टिकल पब्लिश कर रहे हो, उसका Spam स्कोर कम होना चाहिए। उस वेबसाइट पर अपना आर्टिकल पब्लिश करे, जिसका डोमेन अथॉरिटी और पेज अथॉरिटी High हो। Web 2.0 Submission में बनाये गए ब्लॉग पर हाई क्वालिटी आर्टिकल को ही पब्लिश करे।

10. प्रोफाइल क्रिएशन (Profile Creation)

प्रोफइल क्रिएशन के द्वारा हाई अथॉरिटी बैकलिंक बनाया जाता है। यह ऑफ पेज एसईओ के लिए एक महत्वपूर्ण Technique है। इसमें विभिन्न प्लेटफार्म जैसे – सोशल नेटवर्किंग साइट्स, फोरम साइट्स, ब्लॉगिंग सबमिशन साइट्स पर प्रोफाइल क्रिएट किया जाता है। अपने ब्लॉग के ऑनलाइन उपस्थिति को दिखाने के लिए यह एक अच्छा तरीका है। अकाउंट बनाने के साथ ही आप अपने ब्लॉग के बारे में Discription और ब्लॉग का लिंक भी Add कर सकते हो। इसके अलावा आप एक प्रोफाइल को दूसरे प्रोफाइल के साथ लिंक भी कर सकते हो।

11. इमेज सबमिशन (Image Submission)

इमेज सबमिशन आपके ब्लॉग के ट्रैफिक को बढ़ाने के लिए एक अच्छा SEO Technique है। इसमें इमेज सबमिशन साइट्स पर अपने ब्लॉग आर्टिकल के इमेज को शेयर करना होता है। इससे एक हाई क्वालिटी बैकलिंक मिलता है और रेफरल ट्रैफिक भी प्राप्त होता है।

इसमें मुख्य रूप से सोशल मीडिया साइट्स जैसे – फेसबुक, इंस्टाग्राम, पिनटेरेस्ट इत्यादि पर हाई क्वालिटी इमेज का इस्तेमाल करने पर जोर दिया जाता है। ब्लॉग के आर्टिकल के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले इमेजेज को एसईओ फ्रेंडली बनाने के लिए इसमें Alt टैग का इस्तेमाल करना चाहिए।    

12. डॉक्यूमेंट सबमिशन (Document Submission)

कुछ ऐसे वेबसाइट भी उपलब्ध है, जिसमें आप अपने डॉक्यूमेंट फाइल को पीडीएफ में Convert कर सबमिट कर सकते हो। पीडीऍफ़ फाइल को सबमिट करने के साथ ही अपने ब्लॉग के लिंक को भी Add कर सकते है  । इससे एक अच्छा Do Follow Backlink मिलता है, जिससे सर्च इंजन में ब्लॉग का रैंकिंग बढ़ता है और ब्लॉग पर ट्रैफिक Increase  होता है।   

ऑफ पेज एसईओ का महत्व (Importants of Off Page SEO)

ब्लॉगिंग में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण चीज है, आपके ब्लॉग का कंटेंट, लेकिन जब किसी कीवर्ड के लिए बहुत सारे क्वालिटी कंटेंट मौजूद होते है, तब सर्च इंजन ऑन पेज एसईओ के बाद ऑफ पेज एसईओ को भी Analyse करता है कि किस वेबसाइट को ज्यादा से ज्यादा लोग पसंद करते है। सोशल मीडिया साइट्स पर कौन सी वेबसाइट ज्यादा पॉपुलर है और कौन से वेबसाइट के पास ज्यादा से ज्यादा क्वालिटी बैकलिंक है ।

अगर आपके आर्टिकल में कम्पटीशन ज्यादा नहीं है, तो आप ऑन पेज एसईओ पर काम कर अपने वेबसाइट को रैंक करा सकते है, लेकिन अगर आपके आर्टिकल पर कम्पटीशन ज्यादा है, तो आपको ऑफ पेज एसईओ पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण हो जाता है। इसके लिए आपको ज्यादा से ज्यादा बैकलिंक और सोशल लाइक्स की जरुरत पड़ती है।

FAQ

ऑफ पेज एसईओ क्या होता है?

ब्लॉग के ट्रैफिक को बढ़ाने के लिए अपने ब्लॉग पेज के बाहर जो एक्टिविटी करते है, वह ऑफ पेज एसईओ कहलाता है।

बैकलिंक क्या होता है?

किसी दूसरे ब्लॉग या वेबसाइट पर अपने ब्लॉग का लिंक Add करते है तो उस लिंक को बैकलिंक कहा जाता है।

गेस्ट पोस्टिंग क्या होता है?

अपने ब्लॉग के Niche से रिलेटेड दूसरे ब्लॉग पर एक आर्टिकल लिख कर पब्लिश करना और एक हाई क्वालिटी बैकलिंक क्रिएट करना ही गेस्ट पोस्टिंग कहता है।

On Page SEO और Off Page SEO में क्या अंतर है ?

SEO के लिए जो सब अपने ब्लॉग के पेज पर किया जाता है, वह On Page SEO कहलाता है, जबकि जो एक्टिविटी ब्लॉग के बाहर किया जाता है, वह Off Page SEO कहलाता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

किसी भी ब्लॉग को रैंक कराने के लिए सबसे ज्यादा Important होता है, आपके आर्टिकल का कंटेंट, उसके बाद ब्लॉग के आर्टिकल पर किया गया On Page SEO लेकिन अगर किसी कीवर्ड पर कम्पटीशन बहुत ज्यादा है, तो ब्लॉग के बाहर किया गया Off Page SEO को भी Count किया जाता है, इसलिए हमें अपने ब्लॉग के लिए On Page SEO के साथ ही Off Page SEO पर भी ध्यान देना चाहिए।

इस आर्टिकल में हमने जाना कि Off Page SEO Kya Hai, Off Page SEO In Hindi, Off Page SEO Kaise Kare, उम्मीद करते है Off Page SEO के बारे में यह जानकारी आपको पसंद आयी होगी, इस आर्टिकल से रिलेटेड किसी तरह का सवाल हो, तो आप मुझे कमेंट कर पूछ  सकते है। इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद।

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